!!कैसी हो!!

सुनो…

कैसी हो तुम !

जैसे पहले दिन मेरे साथ थी ,क्या वैसी ही हो तुम ?

क्या पहले दिन जैसी चेहरे पर मुस्कान है तुम्हारे !

या ज़िंदगी से हारने की थकान है तुम्हारे ?

आज तुम्हारी याद आ रही है !

वो पहले वाली प्यार की फ़रियाद आ रही है !

ऐसा भी क्या हुआ था हमारे बीच ?

दिमाग़ में बस यही बात आ रही है !

छोड़ो…

मैं तो प्यार करता था तुमसे !

इसलिए शायद लड़ता था तुमसे !

पर इस बात को तुमने कुछ और ही समझ लिया !

मेरी सही बातों को भी गलत तरह से पकड़ लिया !

पर सच कहूँ तो.....

मेरे अच्छे होने के बावजूद तुम्हारी आँखों में नमी थी !

शायद मेरे प्यार में ही कुछ कमी थी !

मैं नहीं चाहता था हमारी आख़िरी बात ऐसी हो !

ख़ैर……

तुम बताओ कैसी हो ?

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